🟥 फुटबॉल मैच बना रणभूमि: 50 रुपये की टिकट ने जला दिया मैदान, बालीडीह में पथराव–आगजनी
साहिबगंज जिले के बोरियो थाना क्षेत्र अंतर्गत बालीडीह गांव में आयोजित तीन दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट उस वक्त बवाल में बदल गया, जब खेल से ज्यादा पैसे को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बीएमएल रॉक स्टार क्लब की ओर से प्रति दर्शक 50 रुपये प्रवेश शुल्क तय किया गया था। लेकिन मैच देखने हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी और जैसे ही लोगों को मैदान में घुसने से रोका गया, गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि कुछ उपद्रवियों ने मैदान की बाउंड्री तोड़ दी और जबरन अंदर घुस गए। इसके बाद कमेटी के सदस्यों और दर्शकों के बीच मारपीट शुरू हो गई, जो देखते ही देखते पथराव में बदल गई। हालात ऐसे बिगड़े कि मैच को बीच में ही रद्द करना पड़ा। भीड़ का उग्र रूप यहीं नहीं रुका। टूर्नामेंट के लिए लगाए गए टेंट, डीजे साउंड सिस्टम और कुर्सियों को आग के हवाले कर दिया गया। कई लोग इस दौरान चोटिल भी हुए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे खेल का मैदान कुछ ही मिनटों में दंगे के मैदान में तब्दील हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात काबू में करने की कोशिश शुरू कर दी।
🟥 खेल बना सियासी बवाल? टूर्नामेंट की आड़ में टूटे टेंट, जला डीजे, वायरल वीडियो ने खोली पोल
बालीडीह गांव में हुआ यह उपद्रव सिर्फ खेल का विवाद नहीं, बल्कि अव्यवस्था और लापरवाही की तस्वीर भी दिखाता है। तीन दिन चलने वाले फुटबॉल टूर्नामेंट में दर्शकों से 50 रुपये की एंट्री फीस तय की गई थी। आयोजकों को अंदाजा नहीं था कि भीड़ नियंत्रण उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाएगी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही अधिक संख्या में लोग बिना टिकट मैदान में घुसने लगे, कमेटी ने रोकने की कोशिश की। इसी बात पर धक्का-मुक्की शुरू हुई और बात मारपीट तक पहुंच गई। कुछ ही देर में पत्थर चलने लगे और माहौल हिंसक हो गया।
हैरानी की बात यह रही कि गुस्साई भीड़ ने सिर्फ लड़ाई तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि मैदान में लगे पंडाल, कुर्सियां और डीजे सिस्टम को लूट लिया और बाकी को आग के हवाले कर दिया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे कि क्या बिना सुरक्षा इंतजाम इतने बड़े आयोजन की अनुमति दी जानी चाहिए थी?
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को खदेड़ा और स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।


