पीला सोना, खाकी और ‘Press Setting’: गोला में 50 हजार से ऊपर का हुआ कलेक्शन गेम हुआ Exposed!”
गोला की गलियों में इन दिनों “पीले सोने” यानी बालू का खेल सिर्फ ट्रैक्टरों की आवाज तक सीमित नहीं है, बल्कि अब इसमें खाकी का ‘मैनेजमेंट टच’ भी जुड़ गया है। सूत्रों के मुताबिक, रोजाना 100 से ज्यादा ट्रैक्टर घाटों से बालू उठाकर बाजार पहुंचा रहे हैं और हर ट्रैक्टर से तय “सेटिंग शुल्क” लिया जा रहा है ताकि बिना ब्रेक चलता रहे। लेकिन असली पर्दाफाश तब हुआ जब ‘प्रेस मैनेजमेंट’ का नया अध्याय सामने आया। आरोप है कि एक वर्दीधारी ने पत्रकारों के नाम पर करीब 50 हजार रुपये की वसूली कर डाली। दिलचस्प बात यह है यह रकम रास्ते में ही गायब हो गई। अब सवाल सीधा है—क्या मीडिया का नाम अब वसूली का नया टूल बन गया है? स्थानीय स्तर पर लोग खामोश जरूर हैं, लेकिन अंदर ही अंदर नाराजगी साफ दिख रही है।
🔥“खाकी का ‘Fake Press Fund’
गोला में बालू का अवैध कारोबार लंबे समय से सहारे फल-फूल रहा है।हर महीने मोटी रकम वसूली जाती है लेकिन इस बार खेल थोड़ा अलग और ज्यादा दिलचस्प हो गया है। सूत्र बताते हैं कि एक खाकी ने ‘प्रेस मैनेजमेंट’ के नाम पर ट्रैक्टर संचालकों से अलग से वसूली शुरू की। मकसद बताया गया—मीडिया को मैनेज करना। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब करीब 50 हजार से रुपये का कोई हिसाब नहीं मिला। यानी पैसा गया तो गया, लेकिन पहुंचा कहां—यह सवाल अब भी हवा में है दबे जुबान से लोग चर्चा कर रहे है लेकिन डर का आलम यह है कि कारोबारी खुलकर बोलने से बच रहे हैं—कहीं उनका “धंधा बंद” न हो जाए।
इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यही है कि जिन पत्रकारों के नाम पर कथित वसूली की गई, उन्हें खुद इसकी भनक तक नहीं है। सूत्रों के मुताबिक “प्रेस मैनेजमेंट” का हवाला देकर ट्रैक्टर संचालकों से करीब 50 हजार रुपये वसूले गए, लेकिन यह रकम न तो किसी मीडिया कर्मी तक पहुंची और न ही इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि सामने आई।


