🔴 “पर्दाफाश: पटना बैंक फ्रॉड का भगोड़ा साहिबगंज में छुपा था! CBI की दबिश में अंजुमन नगर से गिरफ्तारी”
साहिबगंज में एक बार फिर सीबीआई की दस्तक से सनसनी फैल गई। अंजुमन नगर की गलियों में वर्षों से शांति से रह रहा एक बुजुर्ग अचानक कानून के शिकंजे में आ गया। सीबीआई की पटना टीम ने जीरवा बाड़ी थाना और मुफस्सिल थाना पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर 62 वर्षीय अब्दुल गनी को धर दबोचा। सूत्रों के मुताबिक, अब्दुल गनी पर पटना के एक बैंक से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी का गंभीर आरोप है। बताया जा रहा है कि वह पिछले पांच वर्षों से अपनी पहचान छुपाकर साहिबगंज में रह रहा था। उसने अपने पुत्र के साथ अंजुमन नगर में मकान खरीदकर खुद को आम नागरिक बताकर बसाया था। लेकिन कानून से बचना ज्यादा दिन नहीं चला। जैसे ही सीबीआई को उसकी लोकेशन की पुख्ता जानकारी मिली, तुरंत कार्रवाई की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम आरोपी को अपने साथ लेकर साहिबगंज से रवाना हो गई। इतना ही नहीं, अब्दुल गनी पर कटिहार जिले के मनिहारी अंचल के इनायतपुर कंटकोष गांव में रिश्तेदारों की जमीन गलत तरीके से बेचने का भी आरोप सामने आया है। फिलहाल सीबीआई आरोपी से पूछताछ कर रही है और बैंक फ्रॉड नेटवर्क के अन्य तार जोड़ने में जुटी है।
🔴 “पर्दाफाश: 5 साल से पहचान छुपाकर रह रहा था बैंक फ्रॉड आरोपी, साहिबगंज में CBI ने किया भंडाफोड़”
साहिबगंज जिले में सीबीआई की अचानक हुई छापेमारी ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। अंजुमन नगर में साधारण जिंदगी जी रहा एक व्यक्ति दरअसल करोड़ों के बैंक घोटाले का आरोपी निकला। सीबीआई ने पटना से आकर बड़ी कार्रवाई करते हुए 62 वर्षीय अब्दुल गनी को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, आरोपी पटना के एक बैंक से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कर फरार हो गया था। कानून की नजरों से बचने के लिए उसने अपनी पहचान बदल ली और साहिबगंज के अंजुमन नगर में नया ठिकाना बना लिया। करीब पांच साल पहले उसने अपने बेटे के साथ यहां मकान खरीदा और खुद को स्थानीय निवासी के रूप में स्थापित कर लिया। लेकिन उसकी चालाकी ज्यादा दिन नहीं चली। जैसे ही सीबीआई को उसकी मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली, जीरवा बाड़ी थाना और मुफस्सिल थाना पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर उसे दबोच लिया गया।
सूत्र बताते हैं कि आरोपी पर कटिहार जिले के इनायतपुर कंटकोष गांव में अपने रिश्तेदारों की जमीन धोखे से बेचने का भी आरोप है। सीबीआई अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि बैंक फ्रॉड की रकम कहां गई और इसमें और कौन-कौन शामिल हैं।
इस गिरफ्तारी से साफ है कि अपराधी चाहे जितनी भी चालाकी करे, कानून की पकड़ से बच नहीं सकता — देर जरूर होती है, लेकिन पर्दाफाश तय होता है।


