रिश्वत का खेल का हुआ पर्दाफाश ! पलामू में रोजगार सेवक 7 हजार लेते रंगे हाथ धरा गया
पलामू में सरकारी दफ्तरों की दीवारों के पीछे चल रहा रिश्वत का खेल आखिरकार पर्दाफाश हो गया। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने नौडीहा प्रखंड में तैनात रोजगार सेवक जितेंद्र कुमार राम को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने कूप निर्माण की राशि जारी करने के बदले लाभार्थी से सीधे 7 हजार रुपये की मांग की थी। मजबूर होकर पीड़ित ने एसीबी से शिकायत की। इसके बाद ACB ने पूरे मामले की गुप्त जांच की और जब रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई तो जाल बिछाया गया।
जैसे ही तय योजना के तहत लाभार्थी ने पैसे दिए, वैसे ही एसीबी की टीम ने मौके पर धावा बोल दिया। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में आरोपी के हाथ धुलवाए गए, और पानी का रंग बदलते ही रिश्वतखोरी की सच्चाई सामने आ गई। इस कार्रवाई के बाद सरकारी महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और भ्रष्ट अफसरों में डर का माहौल बन गया है।
🟥 🚨 गरीब का पैसा खा रहा था सिस्टम! ACB की ट्रैप कार्रवाई में रिश्वतखोर रोजगार सेवक गिरफ्तार
मनरेगा और कूप निर्माण जैसी योजनाएं गरीबों के लिए बनी हैं, लेकिन कुछ अफसर इन्हें कमाई का जरिया बना रहे हैं। पलामू में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां रोजगार सेवक जितेंद्र कुमार राम ने योजना की राशि पास कराने के बदले रिश्वत मांगी।
पीड़ित लाभार्थी जब अफसरों के चक्कर काट-काटकर थक गया, तब उसने सीधे एसीबी का दरवाजा खटखटाया। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पहले भी लाभार्थियों से पैसे मांग चुका था।शुक्रवार को जैसे ही रिश्वत की रकम दी गई, पहले से घात लगाए बैठी एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि अब रिश्वतखोरी करने वालों की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। पर्दाफाश की ये कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी चेतावनी मानी जा रही है।


