🟥 “मानगो मेयर चुनाव में बगावत का बम फूटा, कांग्रेस प्रत्याशी पर भारी पड़ी बागी नेता – पार्टी ने किया सस्पेंड”
जमशेदपुर के मानगो नगर निगम मेयर चुनाव में कांग्रेस की अंदरूनी कलह अब खुलकर सड़क पर आ गई है। पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी सुधा गुप्ता के खिलाफ नामांकन दाखिल कर बागी तेवर दिखाने वाली साइस्ता परवीण उर्फ जेबा खान पर आखिरकार कांग्रेस ने बड़ा एक्शन ले लिया। झारखंड कांग्रेस के सह प्रभारी बलजीत सिंह बेदी के निर्देश पर साइस्ता परवीण को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। सूत्रों की मानें तो यह सिर्फ एक नामांकन नहीं, बल्कि संगठन के भीतर लंबे समय से सुलग रही नाराजगी का विस्फोट था। पार्टी नेतृत्व ने इसे अनुशासनहीनता बताते हुए साफ संदेश दे दिया है कि बगावत करने वालों के लिए कांग्रेस में कोई जगह नहीं। निलंबन के बाद मानगो की राजनीति में भूचाल आ गया है। कार्यकर्ताओं से लेकर मतदाताओं तक चर्चा है कि इस फैसले से चुनावी समीकरण किस करवट बैठेंगे। क्या यह कार्रवाई कांग्रेस को मजबूत करेगी या अंदरूनी दरार और गहरी होगी — यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
🟥 “कांग्रेस की अंदरूनी जंग का पर्दाफाश, मेयर टिकट पर घमासान के बाद बागी नेता बाहर”
मानगो नगर निगम मेयर चुनाव अब सिर्फ जनता का नहीं, कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान का अखाड़ा बन गया है। पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी सुधा गुप्ता के खिलाफ मैदान में उतरने वाली साइस्ता परवीण उर्फ जेबा खान पर कांग्रेस ने सख्ती दिखाते हुए निलंबन की गाज गिरा दी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला झारखंड कांग्रेस सह प्रभारी बलजीत सिंह बेदी के निर्देश पर लिया गया है। नेतृत्व का साफ कहना है कि संगठन के खिलाफ जाकर चुनाव लड़ना अनुशासनहीनता है और ऐसी राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद मानगो की राजनीति गरमा गई है। विरोधी दल इसे कांग्रेस की कमजोरी बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस इसे “अनुशासन की जीत” करार दे रही है। अब सवाल यह है कि इस निलंबन का असर वोट बैंक पर पड़ेगा या पार्टी एकजुट होकर चुनावी जंग लड़ेगी। मानगो का मेयर चुनाव अब सिर्फ मुकाबला नहीं, बल्कि कांग्रेस की साख की परीक्षा बन चुका है।


