📰 अवैध खनन का खौफनाक सच: बंद खदान में धंसी चाल, चार जिंदगी मलबे में दबी
झारखंड के जामताड़ा जिला के नाला थाना क्षेत्र अंतर्गत पलास्थली में बुधवार तड़के अवैध कोयला खनन की पोल खुल गई। एक बंद पड़ी खदान में चोरी-छिपे कोयला निकाल रहे लोग अचानक चाल (ऊपरी हिस्सा) धंसने से मलबे में दब गए। हादसा सुबह करीब तीन से चार बजे के बीच हुआ, जब खदान में कई लोग अंदर उतरे थे। सूत्र बताते हैं कि ये लोग रोज की तरह अवैध खुदाई करने पहुंचे थे, लेकिन अचानक खदान की छत भरभराकर गिर पड़ी। चार लोग बुरी तरह फंस गए, जबकि बाकी किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे। हादसे के बाद गांव में हड़कंप मच गया। परिजन और ग्रामीण दौड़ पड़े और रस्सियों के सहारे घायलों को बाहर निकाला। घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें तुरंत पश्चिम बंगाल के निजी अस्पतालों में रेफर किया गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि ग्रामीण जान जोखिम में डालकर कुएंनुमा खदान से लोगों को बाहर खींच रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब खदान बंद है, तो वहां अवैध खनन कैसे हो रहा था? प्रशासन की चुप्पी इस पूरे मामले को और संदिग्ध बना रही है। यह हादसा अवैध खनन के पीछे चल रहे खतरनाक खेल को उजागर करता है।
📰 मलबे में दबा सिस्टम: अवैध खदान हादसे पर प्रशासन खामोश, गांव में दहशत
पलास्थली की बंद पड़ी कोयला खदान में हुआ हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि अवैध खनन पर सिस्टम की नाकामी का आईना है। बताया जा रहा है कि खदान में उतरे आठ लोगों में से चार अंदर ही दब गए। कुछ लोग इफ्तार के समय बाहर निकल आए, जिससे उनकी जान बच गई। ग्रामीणों के अनुसार, यह खदान लंबे समय से अवैध खुदाई का अड्डा बनी हुई थी। रोजाना सीमावर्ती इलाकों से लोग यहां आते और कोयला निकालकर बेचते थे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने खुद ही रेस्क्यू शुरू किया, क्योंकि प्रशासनिक टीम समय पर नहीं पहुंची।
घायलों को बंगाल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन अब तक किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक सभी की हालत चिंताजनक है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस और खनन विभाग इस पूरे मामले पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। सवाल उठता है कि अगर अवैध खनन की जानकारी थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या यह हादसा प्रशासनिक अनदेखी का नतीजा है?
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अवैध खनन गरीब मजदूरों की जान से खेल रहा है और जिम्मेदार सिर्फ खनन माफिया नहीं, बल्कि आंख मूंदे बैठा तंत्र भी है।
Illegal Coal Mine Collapse in Jamtara: New Update Raises Questions
A tragic incident linked to illegal coal mining has surfaced from Jamtara district, where a deserted coal pit collapsed, trapping several workers inside. The accident reportedly occurred in the early hours when people entered the abandoned mine to extract coal illegally. Suddenly, the upper layer of the pit caved in, burying them under debris.
Local villagers rushed to the spot and began rescue efforts using ropes and basic tools. After hours of struggle, four injured persons were pulled out and shifted to a private hospital in West Bengal due to their critical condition. Disturbing videos from the site show panic and chaos as families waited for news.
Even after eight hours, there is no clear official statement from the administration, raising serious questions about monitoring of illegal mining activities. The silence of authorities has sparked anger among locals, who allege that such risky operations continue openly despite repeated warnings. The incident once again exposes the deadly cost of unchecked illegal mining.


