🟥 शौचालय के नीचे चल रही थी ‘गन फैक्ट्री’! अनगड़ा में अवैध हथियार कारोबार का सनसनीखेज पर्दाफाश
रांची जिले के अनगड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने पूरे इलाके को चौंका दिया है। गांव सीताडीह में एक बुजुर्ग व्यक्ति के घर के पीछे बने शौचालय के नीचे अवैध हथियारों की फैक्ट्री चल रही थी। पुलिस की छापेमारी में 19 देसी हथियार, 4 अर्धनिर्मित हथियार और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। ग्रामीण एसपी प्रवीन पुष्कर ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि नारायण लोहरा नामक व्यक्ति अवैध हथियार बनाकर 10 से 15 हजार रुपये में बेचता है। सूचना के सत्यापन के बाद विशेष टीम गठित की गई।
टीम ने जब सीताडीह गांव में आरोपी के घर पर छापा मारा तो पीछे के शौचालय के नीचे जमीन में छुपाकर रखे गए हथियार और उपकरण बरामद हुए। यह खुलासा बताता है कि कैसे गांव की आड़ में मौत का सामान तैयार किया जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपी –
नारायण लोहरा (60 वर्ष), ग्राम सीताडीह, थाना अनगड़ा।
🟥 10 हजार में बिकती थी ‘मौत की बंदूक’! रांची में अवैध हथियार फैक्ट्री का बड़ा पर्दाफाश
रांची ग्रामीण पुलिस ने अवैध हथियार कारोबार की जड़ों पर वार करते हुए अनगड़ा थाना क्षेत्र से एक गुप्त हथियार फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान 19 देसी हथियार, 4 अधबने हथियार और 4 सेट हथियार निर्माण उपकरण जब्त किए गए हैं। ग्रामीण एसपी प्रवीन पुष्कर ने प्रेस को बताया कि आरोपी नारायण लोहरा लंबे समय से चोरी-छिपे हथियार बनाकर अपराधियों को सप्लाई कर रहा था। हर हथियार की कीमत 10 से 15 हजार रुपये के बीच तय थी। घर के पीछे बने शौचालय के नीचे हथियार छुपाकर रखे गए थे, ताकि किसी को शक न हो। लेकिन पुलिस की सटीक सूचना और रणनीति के सामने यह गुप्त कारोबार बेनकाब हो गया।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन हथियारों की सप्लाई किन-किन इलाकों में की जा रही थी और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।
🟥 घर के पीछे चल रहा था हथियारों का कारखाना! अनगड़ा में पुलिस ने किया खतरनाक खेल का पर्दाफाश
रांची जिले के अनगड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम सीताडीह में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार निर्माण के अड्डे का खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस को 19 देसी हथियार, 4 अर्धनिर्मित हथियार और हथियार बनाने के उपकरण मिले।ग्रामीण एसपी प्रवीन पुष्कर ने बताया कि आरोपी नारायण लोहरा अपने ही घर में हथियार तैयार कर उन्हें बाजार में खपाता था। हथियारों को पीछे बने शौचालय के नीचे छुपाकर रखा गया था ताकि किसी को भनक न लगे।
यह मामला बताता है कि अपराध अब गांवों में भी किस तरह गुप्त रूप से पनप रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों का इस्तेमाल कहां और किसने किया।


