जंगल में फेंककर जलाया गया पूर्व जिप अध्यक्ष का शव! गिरिडीह हत्याकांड ने खोली अपराधियों की क्रूर रणनीति
गिरिडीह में पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष राकेश महतो की हत्या ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। डुमरी निवासी राकेश महतो का अधजला शव झारखंड कॉलेज, घुटवाली के पास सड़क किनारे मिलने से सनसनी फैल गई। हत्या के बाद शव को जंगल में फेंककर जलाने की कोशिश यह इशारा करती है कि अपराधी सबूत मिटाने की साजिश में थे। 20 फरवरी की सुबह घर से निकले राकेश महतो देर शाम तक नहीं लौटे, जिसके बाद परिजन तलाश में जुटे रहे। अगली सुबह शव मिलने से आक्रोश भड़क उठा। मौके पर पुलिस के वरीय अधिकारी पहुंचे और जांच शुरू हुई। सवाल उठ रहा है—क्या यह सिर्फ हत्या है या किसी गहरी साजिश का हिस्सा? स्थानीय लोगों में गुस्सा है और जवाब की मांग तेज हो रही है।
🔴 राजनीतिक हत्या या निजी दुश्मनी? अधजला शव और गायब कड़ी, गिरिडीह में फैली दहशत
पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष राकेश महतो की नृशंस हत्या ने गिरिडीह की राजनीति और अपराध जगत को आमने-सामने ला दिया है। शव को जलाने का प्रयास यह बताता है कि अपराधी पहचान और सुराग मिटाना चाहते थे। घटना स्थल पर जुटी भारी भीड़ ने पुलिस पर जल्द खुलासे का दबाव बना दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार राकेश महतो आखिरी बार 20 फरवरी की सुबह घर से निकलते देखे गए थे, लेकिन इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। अब अधजला शव मिलने के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं—आखिरी बार वे किससे मिले थे? क्या हत्या के पीछे कोई पुरानी रंजिश है या राजनीतिक कारण? लोगों में भारी आक्रोश है और पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। यह मामला सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की परीक्षा बन गया है।


