🟥 “कुख्यात को बचाने उतरी भीड़, STF बनी निशाना — गया की रात में कानून पर पथराव”
बिहार के गया में रविवार रात कानून की ताकत को खुली चुनौती दी गई। हत्या कांड में वांछित कुख्यात संजय मांझी को पकड़ने पहुँची बिहार एसटीएफ की टीम पर ग्रामीणों की भीड़ ने अचानक हमला कर दिया। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खिरियामा गांव में दबिश के दौरान बदमाश ने “चोर-चोर” का शोर मचाया और देखते ही देखते 50 से 60 लोग लाठी-डंडों और पत्थरों के साथ मैदान में उतर आए।
हमले में तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। हैरानी की बात यह रही कि हमलावरों ने घायल जवानों से हथियार भी छीन लिए। यह कोई सामान्य झड़प नहीं, बल्कि अपराधियों को बचाने की सुनियोजित साजिश मानी जा रही है। पुलिस की कड़ी कार्रवाई के बाद छीने गए हथियार बरामद कर लिए गए और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
🟥 “पत्थर बनाम पिस्टल: खिरियामा गांव में STF पर हमला, 7 हिरासत में”
गया की रात अचानक रणभूमि में बदल गई जब कुख्यात अपराधी को पकड़ने पहुँची STF टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया। मुफस्सिल थाना कांड संख्या 1038/24 के मुख्य आरोपी संजय मांझी की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई चल रही थी, तभी भीड़ ने पुलिस को निशाना बना लिया।
सूत्र बताते हैं कि भीड़ ने न सिर्फ पत्थरबाजी की बल्कि जवानों को लाठी-डंडों से पीटा और हथियार तक छीन लिए। यह हमला कानून-व्यवस्था पर सीधा हमला माना जा रहा है। पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए इलाके में भारी बल तैनात किया और सर्च ऑपरेशन चलाकर लूटे गए हथियार बरामद किए।
अब तक 7 लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। सवाल यह है कि क्या यह भीड़ अचानक उग्र हुई या अपराधी को बचाने की पहले से तैयारी थी? गया की फिज़ा में अभी भी सन्नाटा है, लेकिन पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है।
STF Team Attacked in Gaya, Raises Serious Law and Order Concerns
In Gaya, Bihar, an operation to capture notorious criminal Sanjay Manjhi turned chaotic when the Bihar STF team itself came under attack. The incident occurred in Khariyama village under Mufassil police station while the team was attempting to arrest the suspect involved in a high-profile murder case. As the STF intensified their search, Manjhi raised the alarm, shouting “Thief! Thief!”, which quickly drew a mob of 50–60 villagers. The crowd attacked the officers with stones and sticks, leaving three personnel seriously injured, who were rushed to Magadh Medical College Hospital for treatment. During the assault, attackers also snatched weapons from the officers, though police later recovered them in a coordinated operation. Following the attack, heavy police deployment has been made in the area. Seven people have been taken into custody for questioning. Authorities are investigating whether this was a spontaneous mob or a planned attempt to protect the criminal.


