🟥 “थाने की परछाईं में हैवानियत! दुमका में मां-बेटी की संदिग्ध हत्या, सिस्टम पर उठे सवाल”
झारखंड की उपराजधानी दुमका एक बार फिर शर्मसार है। गांधी मैदान के पास, सदर इंस्पेक्टर कार्यालय के पीछे मां और मासूम बेटी का शव मिलना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था पर करारा तमाचा है। पर्दाफाश की पड़ताल में सामने आया है कि शव जिस जगह मिला, वह पुलिस गतिविधियों से महज कुछ कदमों की दूरी पर है। सवाल उठता है —
👉 जब थाने के पीछे ही इंसान सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिक कहां जाए?
स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा दोनों है। प्रथम दृष्टया दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है, जिसने इस मामले को और भयावह बना दिया है। मृतका की पहचान नहीं हो सकी है, जिससे यह शक और गहराता है कि कहीं ये अपराधियों की साजिशन चाल तो नहीं?
नगर थाना पुलिस और सदर एसडीपीओ मौके पर पहुंच चुके हैं, लेकिन अब असली परीक्षा जांच की पारदर्शिता की है।
🟥 “मां की गोद उजड़ी, बेटी की सांसें थमीं: दुमका डबल मर्डर ने हिला दिया झारखंड”
दुमका में मिली मां-बेटी की लाश ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। गांधी मैदान के पास इंस्पेक्टर कार्यालय के पीछे पड़ा शव कई सवाल छोड़ गया है।
सूत्रों के अनुसार शव की हालत देखकर दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। यानी मामला सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि दरिंदगी का है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना स्थल प्रशासनिक इलाका है।
पर्दाफाश की नजर में बड़ा सवाल:
👉 अपराधी इतने बेखौफ कैसे हो गए कि पुलिस कार्यालय के पीछे वारदात कर डाली?
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पहचान की कोशिश जारी है। लेकिन दुमका की जनता पूछ रही है —
क्या इस मासूम बच्ची को इंसाफ मिलेगा?
या यह भी एक आंकड़ा बनकर रह जाएगा?


