📰 धनबाद में पैक्स गोदाम बना भ्रष्टाचार का स्मारक – खोखली नींव पर किसानों का हक
सरकारी योजनाएं कागजों पर किसानों के लिए वरदान बनती हैं, लेकिन जमीन पर उतरते ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती हैं। पूर्वी टुंडी प्रखंड के मैरानवाटांड में बन रहा पैक्स गोदाम इसका ताजा उदाहरण है। जिस इमारत को फसलों की सुरक्षा करनी थी, वही खुद गिरने की कगार पर है। घटिया ईंट, कमजोर मसाला और बिना क्यूरिंग के खड़ी की गई दीवारें इस निर्माण की पोल खोल रही हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि लोकल ईंट के टुकड़ों से दीवार खड़ी कर दी गई और गुणवत्ता जांच केवल कागजों में हुई। जब लोगों ने विरोध किया तो कोई सुनने वाला नहीं मिला। इससे भी गंभीर बात यह है कि मजदूरों को महीनों से मेहनताना नहीं मिला। किसानों के नाम पर बना गोदाम ठेकेदारों की तिजोरी भरने का जरिया बनता दिख रहा है। सवाल है—क्या प्रशासन इन दरकती दीवारों से पहले जागेगा?
📰 दरकती दीवारें, बकाया मजदूरी – मैरानवाटांड का पैक्स गोदाम या ‘भ्रष्टाचार का अड्डा’?
मैरानवाटांड में निर्माणाधीन पैक्स गोदाम को किसानों की फसल सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन यहां सुरक्षा की जगह असुरक्षा दिख रही है। तस्वीरें बताती हैं कि घटिया सरिया और लोकल मटेरियल से इमारत खड़ी की जा रही है। मानकों को ताक पर रखकर काम हुआ और निगरानी तंत्र सिर्फ फाइलों तक सीमित रहा। ग्रामीणों के मुताबिक न तो सही मसाला डाला जा रहा है, न ही दीवारों को पानी दिया जा रहा है। ऊपर से जिन मजदूरों ने चिलचिलाती धूप में काम किया, उन्हें आज तक पूरा भुगतान नहीं मिला। भ्रष्टाचार केवल सामग्री तक सीमित नहीं, इंसानियत भी गिरवी रख दी गई है। अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं—क्या इस निर्माण की उच्च स्तरीय जांच होगी या किसानों के नाम पर खर्च हुआ पैसा यूं ही बंदरबांट होता रहेगा?
Dhanbad PACS Warehouse Scam | Maranwatand Godown Built on Corruption
Government schemes look attractive on paper, but corruption often destroys them on the ground. A recent case has emerged from Maranwatand village in the East Tundi block of Dhanbad, where a PACS warehouse is being constructed for farmers’ benefit. However, poor-quality bricks, weak walls, and lack of proper curing show that standard norms are being ignored. Villagers allege that substandard local materials are being used and no official inspection is taking place.
Moreover, laborers who worked in extreme heat have not been paid their wages. Instead of protecting farmers’ crops, the warehouse is becoming a symbol of corruption. Now, serious questions are being raised about administrative responsibility and whether a high-level inquiry will be ordered.

