🟥 🐘 जहां सिस्टम फेल, वहां गजराज पास! महुआटॉड का ‘सेफ कॉरिडोर’ बना अवैध कोयला माफिया की राजधानी
बोकारो जिले के महुआटॉड थाना क्षेत्र अंतर्गत धवईया, दुधमटिया, बड़कीपुन्नू और कंडेर इलाका बीते आठ महीनों से अवैध कोयला कारोबार का सुरक्षित गलियारा बना हुआ है। इस पूरे कॉरिडोर पर बबलू + अंसारी गैंग का दबदबा बताया जा रहा है, जिनके सहयोगी के रूप में आलम, कुरैसी और खान जैसे नाम क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, दिन-दहाड़े अवैध कोयले की कटाई कराई जाती है और जेसीबी व ट्रैक्टर के सहारे ट्रकों में लोड कर इसे बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश की मंडियों तक सप्लाई किया जा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि रोजाना दर्जनों ट्रक महुआटॉड थाना क्षेत्र से गुजरते हैं, लेकिन पुलिस, वन विभाग और प्रशासन की निगाहें मानो बंद हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी “ऊपर से आदेश” का इंतजार करते हुए मूकदर्शक बने हुए हैं।
जिस रास्ते पर कानून को दौड़ना चाहिए था, वहां अब हाथियों की चाल ने तस्करों की रफ्तार थाम दी है। जंगल में गजराज की सक्रियता ने कोयला माफियाओं की नींद उड़ा दी है और कई इलाकों में कटाई व ढुलाई प्रभावित हुई है।
विडंबना यह है कि जिस काम के लिए पूरा प्रशासनिक ढांचा मौजूद है, वह काम प्रकृति कर रही है।
🟥के ⚒️ महुआटॉड में खुलेआम कोयले की कटाई, पुलिस मौन – क्या सिस्टम पर भारी पड़ा माफिया?
महुआटॉड थाना क्षेत्र का ‘सेफ कॉरिडोर’ अब पूरे जिले के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। जंगल उजड़ रहे हैं, अवैध खनन मशीनों से हो रहा है और सरकार को हर दिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जेसीबी चल रही है, ट्रैक्टर दौड़ रहे हैं और ट्रक खुलेआम सड़क पर निकल रहे हैं, तब भी वन विभाग और प्रशासन कार्रवाई से क्यों कतरा रहा है?
क्या यह चुप्पी किसी अदृश्य संरक्षण की ओर इशारा कर रही है या फिर अवैध कोयला माफिया सिस्टम से इतना मजबूत हो चुका है कि कानून बेबस नजर आ रहा है?
अब गजराज की मौजूदगी ने तस्करों की चाल पर ब्रेक लगाया है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है।
यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो महुआटॉड का यह ‘सेफ कॉरिडोर’ पूरे बोकारो जिले के लिए नासूर बन सकता है।


