🔴 “शहनाई से पहले सायरन: बारात की कार बनी कफन की सवारी”
चतरा जिले में खुशियों की बारात जब लौट रही थी, तब किसी को क्या पता था कि यह सफर मौत की दहलीज पर खत्म होगा। इटखोरी थाना क्षेत्र के चतरा–इटखोरी मुख्यपथ पर अहले सुबह तेज रफ्तार बाराती गाड़ी ने सड़क किनारे खड़े पेड़ को ऐसा गले लगाया कि खुशियों का रिश्ता सीधे मातम से जुड़ गया। सिरमतपुर गांव से प्रतापपुर गई बारात विवाह के बाद लौट रही थी। पितिज के पास चालक का संतुलन बिगड़ा और मारुति अर्टिगा अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। कार में आठ लोग सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक बाराती की मौके पर ही मौत हो गई और चार गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतक की पहचान मनोज राम (40 वर्ष) के रूप में हुई है। घायल मदेश कुमार, अभय राम, राहुल कुमार और आर्यन कुमार को पहले इटखोरी स्वास्थ्य उपकेंद्र और फिर सदर अस्पताल रेफर किया गया।
जिस गाड़ी में ढोल-नगाड़े की गूंज थी, उसी गाड़ी में अब सिसकियों की आवाज गूंज रही है।
🔴 “तेज रफ्तार का तांडव: एक झटके में उजड़ गया पूरा जश्न”
पर्दाफाश विवरण:
सुबह का वक्त, शादी के बाद लौटती बारात और सड़क पर सन्नाटा… तभी रफ्तार ने कहर बरपा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गाड़ी तेज गति में थी और मोड़ पर चालक नियंत्रण खो बैठा। पल भर में वाहन पेड़ से जा टकराया।
यह सिर्फ सड़क हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही की लिखी हुई पटकथा है।
➡ एक परिवार का सहारा छिन गया
➡ चार लोग जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं
➡ और गांव की गलियों में अब बैंड-बाजा नहीं, शोकगीत गूंज रहा है
सूचना मिलते ही इटखोरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। सवाल यह है —


