🟥 भाजपा की ‘अनुशासन चौकी’ पर धनबाद की सियासत हाजिर: मेयर चुनाव से पहले नोटिस बम!
धनबाद नगर निगम चुनाव से ठीक पहले भाजपा में भीतरखाने उथल-पुथल मच गई है। पार्टी ने मेयर पद के लिए चुनाव लड़ रहे पूर्व विधायक संजीव सिंह समेत तीन नेताओं को कारण बताओ नोटिस थमा दिया है। यह नोटिस प्रदेश महामंत्री सह राज्यसभा सदस्य प्रदीप वर्मा ने, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर जारी किया। आरोप है कि ये नेता पार्टी-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं और अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव मैदान में डटे हैं। पार्टी ने स्पष्ट कहा—एक सप्ताह में जवाब दें, नहीं तो अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है। दिलचस्प यह कि मतदान से पहले ही जवाब की समय-सीमा रखी गई है, जिससे संकेत मिलते हैं कि पार्टी संगठन अब नरमी नहीं, सख्ती के मूड में है। सवाल उठ रहा है—क्या यह कार्रवाई बागियों पर ब्रेक लगाएगी या चुनावी ड्रामा और तेज होगा?
🟥 एक सीट, कई दावेदार: भाजपा के भीतर ‘मेयर महाभारत’, विपक्ष को मिला मौका!
भाजपा ने धनबाद से मेयर पद के लिए प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजीव कुमार अग्रवाल को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया, लेकिन पार्टी के ही तीन दावेदार मैदान छोड़ने को तैयार नहीं। पूर्व विधायक संजीव सिंह के साथ-साथ मुकेश पांडे और भृगुनाथ भगत भी चुनाव लड़ रहे हैं, जिन्हें अब नोटिस का सामना करना पड़ रहा है। संजीव सिंह की पत्नी रागिनी सिंह झरिया से विधायक हैं, इसलिए यह मामला केवल निगम चुनाव नहीं, सियासी प्रतिष्ठा का भी बन गया है। उधर, पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने भाजपा छोड़ झामुमो का दामन थाम लिया है, जबकि निर्दलीय दावेदार शांतनु चंद्रा भी मैदान में हैं। अंदरूनी खींचतान ने मुकाबला त्रिकोणीय से बहुकोणीय बना दिया है—अब देखना है कि अनुशासन भारी पड़ेगा या बगावत?


