🟥 50 लाख महीना, रोशनी के नाम पर लूट! सहरसा मेयर–सेक्रेटरी–पत्नी पर FIR का आदेश ✍️
सहरसा नगर निगम में “स्ट्रीट लाइट” अब सिर्फ रोशनी नहीं, बल्कि सरकारी खजाने की खुली खिड़की बन चुकी थी। नगर विकास एवं आवास विभाग ने बड़ा खुलासा करते हुए सहरसा की मेयर, उनके निजी सचिव राजीव कुमार और निजी सचिव की पत्नी पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दे दिया है। आरोप है कि स्ट्रीट लाइट और डेकोरेटिव लाइट के रख-रखाव के नाम पर हर महीने करीब 50 लाख रुपये सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया। इस घोटाले का पर्दाफाश कोसी कॉलोनी निवासी राहुल कुमार पासवान की शिकायत से हुआ।
जिला पदाधिकारी स्तर पर बनी त्रि-स्तरीय जांच समिति ने जब परतें खोलीं तो तीनों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। अब विभाग ने नगर आयुक्त को तीन दिन के भीतर FIR दर्ज कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि किसी सरकारी कर्मी की संलिप्तता सामने आई, तो उस पर भी अनुशासनिक कार्रवाई तय है।
➡️ सवाल यह है कि शहर की सड़कों पर जलने वाली लाइटें क्या सच में उजाला कर रही थीं या फिर सिस्टम की आंखों में धूल झोंक रही थीं?
🟥 स्ट्रीट लाइट घोटाला: सहरसा में ‘रोशनी’ बनी रिश्वत की मशीन, मेयर पर FIR का फरमान ✍️ विवरण
सहरसा नगर निगम में स्ट्रीट लाइट अब नगर की शोभा नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की पहचान बनती दिख रही है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने मेयर, उनके निजी सचिव और निजी सचिव की पत्नी के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश देकर पूरे सिस्टम में हड़कंप मचा दिया है।
जांच में सामने आया कि स्ट्रीट लाइट और डेकोरेटिव लाइट के मेंटेनेंस के नाम पर हर महीने लगभग 50 लाख रुपये का खेल किया जा रहा था। इस पूरे मामले की शिकायत स्थानीय निवासी राहुल कुमार पासवान ने की थी, जिसके बाद जांच समिति बनाई गई।
जांच रिपोर्ट में तीनों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके आधार पर विभाग ने नगर आयुक्त को तीन दिन में FIR दर्ज करने और रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
इतना ही नहीं, विभाग ने साफ कहा है कि यदि किसी सरकारी कर्मी की मिलीभगत सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।
➡️ यह मामला अब सिर्फ लाइट का नहीं, बल्कि नगर निगम की कार्यशैली पर बड़ा सवाल बन गया है।


