🟥 “वेलेंटाइन वीक में खून का धब्बा: प्यार पर पहरा बना मौत का कारण”
एक ओर वेलेंटाइन वीक में गुलाब और चॉकलेट की बातें, दूसरी ओर मुजफ्फरपुर में प्रेम प्रसंग ने हिंसा का रूप ले लिया। मामूली विरोध ने ऐसा तूफान खड़ा किया कि 18 वर्षीय राजू कुमार मांझी की जान चली गई। घायल हालत में उसे एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों का आरोप है कि पास में रहने वाली युवती से दोस्ती पर आपत्ति जताई गई और धक्का देकर गिराया गया, जिससे गंभीर चोट आई। मौत की खबर फैलते ही गुस्साए परिजनों ने शव रखकर हंगामा किया और इसे हत्या करार दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले और केस दर्ज किया।
यह घटना बताती है कि “इज्जत” और “विरोध” के नाम पर रिश्तों को कुचलने की सोच कितनी खतरनाक हो सकती है। अब सवाल यह है—क्या प्यार करना अपराध है, या अपराध है प्यार पर पहरा?
🟥 “धक्का, गिरावट और फिर सन्नाटा: प्रेम विवाद में कानून की दस्तक”
पुलिस जांच में सामने आया कि राजू एक मेस में काम कर परिवार का सहारा बना हुआ था। एक रिश्ते ने उसे विवाद के केंद्र में ला खड़ा किया और धक्का-मुक्की ने उसकी जिंदगी छीन ली। एसडीपीओ टाउन-2 बिनीता सिन्हा के अनुसार, परिजनों के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों—संतोष कुमार और कबूतरी देवी—को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है। मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और चश्मदीदों के बयान खंगाले जा रहे हैं।
यह केस सिर्फ मारपीट का नहीं, बल्कि सामाजिक सोच का आईना है—जहां रिश्तों पर पहरे और गुस्से की चोट सीधे जान पर पड़ती है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी भी जल्द सलाखों के पीछे हो


