🟥 “ब्लूटूथ से सवाल, व्हाट्सएप से जवाब! परीक्षा केंद्र बना ‘नकल कॉल सेंटर’”
धनबाद में SSC परीक्षा के नाम पर जो चल रहा था, वह परीक्षा नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी से लैस नकल इंडस्ट्री थी। गोविन्दपुर थाना क्षेत्र के MINERVA DIGITAL परीक्षा केंद्र में जैसे ही ऑनलाइन परीक्षा शुरू हुई, वैसे ही ब्लूटूथ और स्पाई ईयरपीस से बाहर बैठे मास्टरमाइंड सक्रिय हो गए। परीक्षार्थियों को प्रश्न सुनाए जा रहे थे और कान में उत्तर फुसफुसाए जा रहे थे।
पर्दाफाश तब हुआ जब सेंटर कोऑर्डिनेटर को हरकत संदिग्ध लगी और पुलिस को सूचना दी गई। छापेमारी में दो परीक्षार्थी और एक सेंटर कर्मचारी पकड़े गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह कोई छोटा खेल नहीं था—प्रति परीक्षार्थी 8 लाख रुपये में पास कराने का सौदा तय था।
मोबाइल जांच में व्हाट्सएप चैट, एडमिट कार्ड और पैसों के लेन-देन के सबूत मिले। मतलब साफ है—यह सिर्फ नकल नहीं, बल्कि परीक्षा सिस्टम पर सुनियोजित हमला था।
🟥 “8 लाख में सरकारी नौकरी! SSC परीक्षा में हाईटेक नकल फैक्ट्री का भंडाफोड़”
सरकारी नौकरी की दौड़ में कुछ लोग मेहनत नहीं, बल्कि ‘हाईटेक शॉर्टकट’ अपना रहे हैं। धनबाद के MINERVA DIGITAL परीक्षा केंद्र में SSC (MTS) परीक्षा के दौरान ऐसा ही एक हाईटेक गिरोह बेनकाब हुआ। परीक्षार्थियों के कान में लगे माइक्रो ईयरपीस और मोबाइल से जुड़े ब्लूटूथ डिवाइस ने पूरे खेल को उजागर कर दिया।
गिरफ्तार आरोपियों ने कबूल किया कि सेंटर का कर्मचारी ही उन्हें उपकरण उपलब्ध कराता था और बाहर से सवालों के जवाब भेजे जाते थे। सौदा था—8 लाख रुपये प्रति उम्मीदवार, जिसमें ढाई लाख एडवांस दिए जा चुके थे।
पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क सिर्फ तीन लोगों तक सीमित नहीं है। मोबाइल डेटा से कई नाम सामने आने की आशंका है। यह मामला अब नकल से ज्यादा, डिजिटल माफिया की तरह सामने आ रहा है, जिसने परीक्षा को कारोबार बना दिया।


