🔴 “मतों पर सवाल, मशीनें अलग! गोह–नबीनगर रिजल्ट पर हाईकोर्ट की नजर, डीएम की निगरानी में खुला EVM वेयरहाउस”
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद अब असली जंग मतपेटियों से निकलकर अदालत तक पहुंच गई है। औरंगाबाद की गोह (219) और नबीनगर (221) सीटों के नतीजों को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दिए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। पर्दाफाश की पड़ताल में सामने आया कि जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की प्रत्यक्ष मौजूदगी में ईवीएम वेयरहाउस का ताला खोला गया और चुनाव में इस्तेमाल हुई मशीनों की पहचान कर उन्हें अलग किया गया।
निर्वाचन आयोग के तय नियमों के तहत मशीनों का मिलान, सील की जांच और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, ताकि किसी भी स्तर पर पारदर्शिता पर सवाल न उठे। प्रशासन का कहना है कि यह कदम कोर्ट की संभावित जांच को ध्यान में रखकर उठाया गया है। अब सवाल यही है—क्या अदालत के दरवाजे पर पहुंचे ये नतीजे बिहार की राजनीति में नया भूचाल लाएंगे?
🔴 “कोर्ट की चौखट पर चुनावी जंग! गोह–नबीनगर सीट विवाद में अलग रखी गई EVM-VVPAT, बढ़ा सियासी तापमान”
बिहार की सियासत एक बार फिर चुनावी नतीजों को लेकर गरमा गई है। गोह और नबीनगर विधानसभा सीटों पर घोषित परिणामों को लेकर दायर याचिका के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कवच कस दिया है। पर्दाफाश की जानकारी के मुताबिक, औरंगाबाद प्रखंड कार्यालय स्थित ईवीएम वेयरहाउस को खोलकर संबंधित मशीनों को अलग सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान निर्वाची पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी और वेयरहाउस प्रभारी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। वहीं जदयू और राजद सहित अन्य दलों के प्रतिनिधियों ने भी निगरानी रखी। प्रशासन का दावा है कि आयोग के हर प्रोटोकॉल का पालन किया गया है, ताकि कोर्ट में किसी तरह की तकनीकी आपत्ति न खड़ी हो। अब नजरें पटना हाईकोर्ट पर टिकी हैं, जहां तय होगा कि चुनावी नतीजों की वैधता पर अगला फैसला क्या मोड़ लाएगा।


