🔴 गोमिया में हाथियों का खूनी खेल! 3 दिन में 5 मौतें, वन विभाग बना मूकदर्शक – ‘न्यूज पर्दाफाश’ की पड़ताल ✍️
बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक अब सिर्फ डर नहीं, बल्कि मौत का पर्याय बन चुका है। लगातार तीसरे दिन हाथियों के हमले से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
शुक्रवार रात करीब 9 बजे महुआ टॉड थाना क्षेत्र के गांगपुर गांव में हाथी ने ऐसा कहर बरपाया कि पूरा गांव सहम गया। हाथी ने एक ही परिवार के 50 वर्षीय सोमर साव और 4 वर्षीय मासूम अमन कुमार (पिता–प्रदीप साव) को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। इस हमले में परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक गांव में घुसे हाथी ने घर के पास मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। चीख-पुकार मचती रही, लेकिन कोई मदद समय पर नहीं पहुंच सकी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि महज तीन दिन पहले भी गोमिया में हाथियों ने घर में सो रहे तीन लोगों की जान ली थी, फिर भी वन विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा सका। ग्रामीणों में भय के साथ-साथ आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। लोग सवाल कर रहे हैं कि जब हाल ही में गोमिया के जंगलों में 40 हाथियों का झुंड देखा गया था, तो पहले से अलर्ट क्यों नहीं किया गया?
न्यूज पर्दाफाश की पड़ताल में साफ है कि हाथियों के आतंक को रोकने में वन विभाग पूरी तरह फेल नजर आ रहा है और गोमिया के लोग डर के साए में जिंदगी जीने को मजबूर हैं।
🔴 मौत बनकर गांव में घुसे हाथी! गोमिया में मासूम समेत दो की दर्दनाक मौत, तीन घायल – जंगल से निकली आफत ✍️
गोमिया प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक अब बेकाबू होता जा रहा है। लगातार हो रही घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि जंगल की आफत अब गांवों तक पहुंच चुकी है।
शुक्रवार रात गांगपुर गांव में अचानक एक हाथी घुस आया और घर के पास मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। इस दर्दनाक घटना में 50 वर्षीय सोमर साव और 4 वर्षीय अमन कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हाथी के गांव में घुसते ही अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे, लेकिन मासूम अमन हाथी के पैरों तले कुचला गया। गौर करने वाली बात यह है कि महज तीन दिन पहले भी इसी क्षेत्र में हाथियों ने तीन लोगों की जान ले ली थी। इसके बावजूद वन विभाग हाथियों को आबादी से दूर रखने में नाकाम रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग सिर्फ कागजी कार्रवाई कर रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई।
न्यूज पर्दाफाश की रिपोर्ट बताती है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

