- 🚨 शराब माफिया का “महिला कवच” – छापेमारी पर उत्पाद विभाग की टीम पर हमला, तीन जवान घायल
बिहार में शराबबंदी के दावे एक बार फिर जमीन पर फिसलते नजर आए, जब बिदुपुर थाना क्षेत्र के मधुरापुर गांव में छापेमारी करने पहुंची उत्पाद विभाग की टीम पर शराब कारोबारी और स्थानीय महिलाओं ने मिलकर हमला कर दिया। सूचना मिली थी कि इलाके में अवैध शराब का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, अचानक माहौल बदल गया—पत्थर, लाठी और गालियों की बारिश शुरू हो गई।
हमले में तीन जवान घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि शराब माफिया अब सीधे टकराने के बजाय “महिला ढाल” का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि कार्रवाई से बच सकें। यह रणनीति सवाल खड़े करती है—क्या कानून से बचने के लिए भीड़ को हथियार बनाया जा रहा है?
घटना बिदुपुर थाना क्षेत्र के मधुरापुर गांव की है। स्थानीय प्रशासन ने जांच और कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है, लेकिन सच यही है कि जब छापेमारी पर ही हमला होने लगे, तो शराबबंदी की जंग कितनी सुरक्षित है—यह बड़ा सवाल बन गया है।

