🔴 किसान सम्मान निधि या काला खेल? पंचायत मुखिया पर नाबालिग से दुष्कर्म प्रयास का संगीन आरोप, प्रशासन की साख दांव पर
ब्रेकिंग न्यूज़ वैशाली से सामने आई है, जहां पंचायत स्तर पर “जनसेवक” कहलाने वाला मुखिया अब गंभीर आरोपों के घेरे में है। काशीपुर चकबीबी पंचायत के मुखिया अर्जुन सिंह पर एक नाबालिग लड़की को किसान सम्मान निधि दिलाने के बहाने बुलाकर उसके साथ जबरन छेड़छाड़ और अप्राकृतिक संबंध बनाने की कोशिश करने का आरोप लगा है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस जांच शुरू हो चुकी है।
सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता को कहा गया कि उसके परिवार को किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने के लिए जरूरी कागजात पूरे करने होंगे। इसी बहाने उसे नहर किनारे बुलाया गया। आरोप है कि वहीं मुखिया ने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं और जबरन गलत संबंध बनाने की कोशिश की। किसी तरह पीड़िता वहां से भागकर अपने परिजनों तक पहुंची और पूरी आपबीती बताई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस जनप्रतिनिधि को ग्रामीणों के हक और सुरक्षा का पहरेदार होना चाहिए, वही अगर भरोसे का सौदा करने लगे तो फिर आम जनता किस पर भरोसा करे? यह सिर्फ एक लड़की की अस्मिता का मामला नहीं, बल्कि पंचायत व्यवस्था की साख पर भी सीधा हमला है।
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि आरोपी सच में दोषी पाया जाता है तो उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस का दावा है कि पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया गया है और मेडिकल व अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
अब देखना यह है कि कानून का शिकंजा कितनी तेजी से कसता है या फिर यह मामला भी रसूख और दबाव की भेंट चढ़ जाता है। यह केस प्रशासन के लिए भी परीक्षा है—क्या वह नाबालिग के इंसाफ के साथ खड़ा होगा या पंचायत के पद की ढाल बनकर आरोपी को बचने का मौका मिलेगा?

